90 दिन बाद खुले जसोल धाम के कपाट: जयकारे से गूंज उठा मन्दिर

90 दिन बाद खुले जसोल धाम के कपाट: जयकारे से गूंज उठा मन्दिर

90 दिन बाद खुले जसोल धाम के कपाट: जयकारे से गूंज उठा मन्दिर
 
कोविड गाइड लाइन की पालना के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर में हुए माजीसा के दर्शन,
 
 
जसोल- कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद से बन्द जन जन की आस्था का केंद्र माता राणी भटियाणी जसोल धाम 90 दिन बाद भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया है। शुक्रवार को प्रातःकाल 5:30 बजे मंगल आरती के साथ माता राणी भटियाणी के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए शुरू हुए। इस दौरान मन्दिर परिसर माता के जयकारे से गूंज उठा। जसोल धाम में माता के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए द्वार सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक खुलें रहेंगे। मन्दिर संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने बताया कि श्रद्धालुओं को मास्क पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के साथ मन्दिर में आने की अनुमति दी गई। इसके अलावा मंदिर परिसर में कोविड प्रोटोकॉल का भी पालन करवाया जा रहा है। ट्रस्ट अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से विनती की है कि वह मंदिर में दर्शन के समय स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन, मास्क व दो गज दूरी सहित सरकारी नियमों की पालना करें। वहीं, लंबे अंतराल के बाद मंदिर खुलने पर श्रद्धालुओं ने खुशी जाहिर की। बता दें कि तय समय के बाद मन्दिर बन्द होने के बाद श्रद्धालु मंदिर के प्रवेश द्वार पर ही लगी एलईडी में माता के दर्शन करते नजर आए।
 
श्रद्धालुओं में खुशी की लहर -
विख्यात जसोल माता राणी भटियाणी मन्दिर के खुलने को लेकर देश भर के लाखों श्रद्धालुओं को इंतजार था। 
कोरोना की दूसरी लहर के बाद से बंद माता का मंदिर कब भक्तों के लिए खुलेगा। अब जसोल धाम के खुलने के बाद से श्रद्धालुओं में खुशी देखने को मिली। वही दूसरी ओर मन्दिर से जुड़े हर वर्ग को आस्था के केंद्र जसोल धाम के खुलने को लेकर अपार खुशी का माहौल है। जसोल की  व्यापारिक गतिविधियां आने वाले श्रद्धालुओं पर निर्भर है। ऐसे में व्यापारी वर्ग में भी खुशी है।
 
विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु-
मन्दिर के द्वार खुलने के बाद पहले दिन शुक्रवार को राजस्थान प्रदेश के साथ देश के कई राज्यो गुजरात, महाराष्ट्र सहित श्रद्धालु जसोल पहुंचे और माता की दिव्य मूर्ति के दर्शन किए। इसके साथ ही मंदिर के आस-पास बाजार भी खुलने से रौनक लौट आई है। साथ ही कोरोना गाइडलाइंस की पालना के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को माता के दर्शनों की अनुमति दी गई।
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