बाबूराम के परिजन मोर्चरी के बहार धरने पर खड़े है परिजन सुसाइड नोट में लिखे पंच की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं

बाबूराम के परिजन मोर्चरी के बहार धरने पर खड़े है परिजन सुसाइड नोट में लिखे पंच की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं

5 दिन बाद भी मर्तक के शव  का अंतिम संस्कार  नहीं किया गया।  

मर्तक बाबूराम का फोटो 

बायतु  : -   बाड़मेर जिले के गिड़ा थाना क्षेत्र के कंकोलगढ़ खोखसर गांव में जातीय पंचों के तुगलकी फरमान से आहत अधेड़  एक व्यक्ति ने टांके में कूदकर सुसाइड कर लिया था। आत्महत्या करने वाला बाबूराम का शव 5 दिन बाद भी अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। 5 दिन से धरने पर बैठे परिजन सुसाइड नोट में लिखे पंच की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं बाबूराम के परिजन फिलहाल गिड़ा मोर्चरी में  धरने पर बैठे हुए हैं। 

सुसाइड करने की वजह 

रिपोर्ट के अनुसार 10 साल पहले भांजे राजेश बोस की सगाई मृतक बाबूराम ने गांव के ही भोजाराम पंवार की लड़की से करवाई थी, जो कुछ समय बाद टूट गई। इसके बाद से लड़की के पिता व समाज के लोगों ने बाबूराम को दोषी माना। बाबूराम के परिवार को समाज से बहार कर  दिया। जब भी समाज का कोई काम होता तो बाबूराम को नहीं बुलाया जाता था। गांव में कोई भी उसे या उसके घर वालो को अपने घर में नहीं आने देते थे।  सुसाइड से एक दिन पहले बाबूराम सामाजिक कार्यक्रम में गया था। माफी मांगने व 2 लाख रुपए का दंड भरने को कहा था और समाज के लोगों के बीच में जलील किया। रिपोर्ट के अनुसार पंचों से परेशान होकर बाबूराम ने सुसाइड किया था।

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